विकसित भारत 2047 में एमसीयू की महत्वपूर्ण भूमिका : इंदर सिंह परमार

एमसीयू में अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण (AISHE) पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

 भोपाल 30 जनवरी 2026 : मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि प्राचीन ऐतिहासिक तथ्यों, धरोहरों और परंपराओं को वर्तमान ज्ञान से जोड़कर आगे बढ़ने वाले मीडिया संस्थान -जैसे माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय -विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।  उन्होंने कहा कि हमें अतीत के संघर्षों और बलिदानों से सीख लेकर आगे बढ़ना होगा, तभी भारत पुनः विश्वगुरु बन सकेगा।  श्री परमार माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में आयोजित अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण (AISHE) के एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी ने की।

उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने कहा कि भारत की प्राचीन परंपरा अत्यंत गौरवशाली रही है। एमसीयू द्वारा सौ वर्षों की धरोहरों पर आधारित समाचार पत्रों की ऐतिहासिक सुर्खियों का संरक्षण एक सराहनीय और अनुकरणीय कार्य है। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान देने वाले महापुरुषों को श्रद्धापूर्वक स्मरण करने और उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।

पुण्यतिथि के अवसर पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और राष्ट्रकवि माखनलाल चतुर्वेदी को नमन करते हुए श्री परमार ने कहा कि दोनों विभूतियों का राष्ट्र को जागृत करने में अतुलनीय योगदान रहा है।  उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की समस्याओं का समाधान हमें देश के भीतर ही खोजते हुए भारत को आत्मनिर्भर बनाना है।

श्री परमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भारत केंद्रित है और भारतीय दर्शन, मूल्यों तथा वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना को सशक्त रूप से प्रस्तुत करती है। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है।  उन्होंने प्रदेश में शिक्षा के साथ-साथ सड़क, स्वास्थ्य एवं पेयजल जैसी आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ किए जाने की जानकारी दी। ग्रामीण क्षेत्रों में शत-प्रतिशत पेयजल उपलब्ध कराने के लक्ष्य के साथ प्रदेश आगे बढ़ रहा है।

 कृषि क्षेत्र में नर्मदा एवं चंबल नदियों के जल का उपयोग कर सिंचित क्षेत्र को 55 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मंत्री श्री परमार ने विद्यार्थियों से आत्मनिर्भर, सशक्त और वैभवशाली भारत के निर्माण के संकल्प में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। इससे पूर्व उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में राष्ट्रकवि माखनलाल चतुर्वेदी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

कुलगुरु का संबोधन

 गणेश शंकर विद्यार्थी सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलगुरु श्री विजय मनोहर तिवारी ने कहा कि विश्वविद्यालय की 35 वर्षों की यात्रा में 62 लाख से अधिक विद्यार्थी उत्तीर्ण होकर देश-विदेश के प्रमुख मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं।  उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अपनी शैक्षणिक गुणवत्ता, सुदृढ़ परीक्षा प्रबंधन और नवाचारपूर्ण पाठ्यक्रमों के लिए पहचाना जाता है।

 कुलगुरु ने बताया कि आगामी जुलाई सत्र से डिजिटल मार्केटिंग एवं फाइनेंशियल अकाउंटिंग के दो नए पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे, जिनमें एआई टूल्स, टैली तथा मीडिया की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यवस्तु को शामिल किया जाएगा। 

 उन्होंने पीजीडीसीए एवं डीसीए पाठ्यक्रमों को रोजगार में वरीयता देने तथा संबद्ध अध्ययन संस्थाओं के छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान करने का सुझाव भी रखा।

कार्यक्रम की अन्य झलकियां

कार्यक्रम के प्रारंभ में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कुलगुरु ने उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार का शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया।

सम्बद्ध अध्ययन संस्थाओं के निदेशक डॉ. आशीष जोशी ने कहा कि विश्वविद्यालय की 1633 संस्थाएं प्रदेशभर में आईटी एवं मीडिया शिक्षा के क्षेत्र में जमीनी स्तर पर कार्य कर रही हैं और यह प्रशिक्षण उनके लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।

सहायक कुलसचिव श्री गिरीश जोशी ने कहा कि संस्थानों द्वारा प्रस्तुत किए गए डेटा के आधार पर ही शासन की योजनाएं बनती हैं, इसलिए AISHE पोर्टल पर सटीक और प्रामाणिक जानकारी भरना अत्यंत आवश्यक है।

 कार्यक्रम का आयोजन एमसीयू, भारत सरकार के शिक्षा विभाग एवं मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

  आभार प्रदर्शन कुलसचिव प्रो. पी. शशिकला ने किया तथा कार्यक्रम का सफल संचालन सहायक कुलसचिव श्री विवेक सावरीकर ने किया।

तकनीकी सत्र

उद्घाटन के पश्चात आयोजित तकनीकी सत्रों में विषय विशेषज्ञ ममता श्रीवास्तव ने AISHE पोर्टल की विस्तृत जानकारी दी।

द्वितीय विषय विशेषज्ञ संजय गुलाटी ने तकनीकी पक्ष स्पष्ट करते हुए वेबसाइट के नियमित परीक्षण और डेटा अपलोड से पूर्व सूक्ष्म अध्ययन की आवश्यकता पर बल दिया।

द्वितीय तकनीकी सत्र में एएसआई निदेशक डॉ. आशीष जोशी ने पीजीडीसीए एवं डीसीए पाठ्यक्रमों में किए जा रहे उन्नयन की जानकारी दी।

प्रो. कंचन भाटिया ने विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया पर प्रकाश डाला।

 डॉ. रवि मोहन शर्मा ने बताया कि जुलाई से प्रारंभ होने वाले डिजिटल मार्केटिंग और फाइनेंशियल अकाउंटिंग पाठ्यक्रम छह माह की अवधि के होंगे, जिनमें न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10+2 निर्धारित की गई है।

परीक्षा नियंत्रक राजेश पाठक ने परीक्षा फॉर्म, प्रवेश पत्र एवं नामांकन से संबंधित जानकारियां साझा कीं।