एमसीयू में दस दिन एआई की हलचल

सुपर मास्टर क्लास में प्रोफेसर बने स्टुडेंट, वीसी बैक बेंचर

भोपाल 09 जुलाई 2026 : माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (एमसीयू) में नए सत्र की तैयारी है। पहले चरण की काउंसलिंग पूरी हो चुकी है। क्लासरूम खुल रहे हैं। मगर दृश्य अनूठा है। पहली क्लास विद्यार्थियों की नहीं है। यहाँ सारे प्रोफेसर और एचओडी स्वयं दस दिन के लिए विद्यार्थी की भूमिका में विद्यार्थियों की ही जगह पर बैठे एक नए विषय में बाहर से आए विशेषज्ञों को सुन रहे हैं। प्रेक्टिकल कर रहे हैं। प्रश्न पूछ रहे हैं। नोट्स ले रहे हैं। रोचक यह है कि कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी स्वयं बैक बेंचर हैं। वे विद्वान आचार्यों के सबसे पीछे बैठे अपनी डायरी में नोट्स ले रहे हैं।

विश्वविद्यालय के तक्षशिला भवन स्थित लता मंगेशकर सभागृह में यह एक ऐसी सुपर मास्टर क्लास है, जिसकी तैयारी पिछले आठ महीने से चलती रही है। यह आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) पर मप्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के सहयोग से दस दिन के फेकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) का हिस्सा है, जिसमें देश के जाने-माने एआई विशेषज्ञ पढ़ाने वालों को पढ़ाने आ रहे हैं। विश्वविद्यालय में पहली बार मीडिया के पाठ्यक्रमों में इसी सत्र से एआई जुड़ने जा रहा है। दो साल का एक नया पीजी कोर्स भी जोड़ा गया है। इस नए विषय के लिए सब स्वयं को तैयार करने में जुटे हैं ताकि एडमिशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शुरु होने वाली कक्षाओं में वे विद्यार्थियों का सामना पूरी तैयारी से कर सकें। इस प्रोग्राम का विषय है-“एआई: फॉर मीडिया एंड कम्युनिकेशन प्रोफेशनल्स।’

“एमसीयू में एआई एफडीपी का दूसरा दिन”

आज उपस्थित विषय विशेषज्ञ श्री उमेश आर्य ने कहा कि अकादमिक और रिसर्च सेक्टर्स में एआई से बहुत अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। कई एआई टूल्स की सहायता से बहुत बड़े डेटा और डाक्युमेंट्स को कुछ ही समय में विश्लेषित किया जा सकता है।  इसके साथ ही अगर बड़ी फाइलों का तुलनात्मक अध्ययन करना हो, संक्षेपिका तैयार करनी हो तो भी एआई बहुत मददगार हो सकता है। उन्होंने आगे बताया कि एआई के साथ काम करने से रिसर्च में बहुत मदद मिलती है। साथ ही एआई के साथ काम करने के लिए लिए उसकी कार्यप्रणाली और कुछ बुनियादी टूल्स की समझ बहुत जरूरी है। प्रोफेसर उमेश आर्य ने आज आयोजित सत्रों में प्रैक्टिकल के साथ एआई प्लेटफार्म्स पर डेटा एनालिसिस, तुलनात्मक रिर्पोट्स तैयार करना, लंबी रिर्पोट्स और डाक्युमेंट्स का सारांश तैयार करना जैसे महत्वपूर्ण काम करने का प्रशिक्षण दिया।

इस एफडीपी के आगामी दिनों में आयोजित सत्रों में एआई और जेनरेटिव कंटेंट, मल्टिफार्म डेटा विद पिनपाइंट, डीपफेक, सिंथेटिकमीडिया फोरेंसिक्स, एआई न्यूजरूम आर्किटेक्चर, एआई एथिक्स सहित कई अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर देश के जाने-माने विशेषज्ञ प्रतिभागियों को प्रशिक्षण देंगे।