जनसंचार विभाग के विद्यार्थियों ने किया सप्रे संग्रहालय और विधानसभा का शैक्षणिक भ्रमण

 

भोपाल,28 सितंबर: माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल के जनसंचार विभाग के विद्यार्थियों ने सोमवार एवं मंगलवार को शैक्षणिक भ्रमण के अंतर्गत ज्ञानतीर्थ माधवराव सप्रे स्मृति समाचारपत्र संग्रहालय एवं शोध संस्थान और मध्यप्रदेश विधानसभा का भ्रमण किया।दो दिवसीय भ्रमण में जनसंचार विभाग के विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थी अलग-अलग समूहों में शामिल हुए।

भ्रमण की शुरुआत सुबह 11 बजे  माधवराव सप्रे संग्रहालय से हुई। यहां विद्यार्थियों ने पत्रकारिता के इतिहास से जुड़ी दुर्लभ सामग्री, पुराने  समाचारपत्रों, पत्र-पत्रिकाओं, पुस्तकों और दस्तावेजों का अवलोकन किया। इस अवसर पर संग्रहालय के संस्थापक पद्मश्री विजयदत्त श्रीधर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि पत्रकारिता केवल वर्तमान को दर्ज करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज की स्मृति को सुरक्षित रखने का दायित्व भी है। उन्होंने पत्रकारिता के विद्यार्थियों से कहा कि अपने भीतर पढ़ने का शौक जागृत करे। एक पत्रकार के लिए चैतन्य मस्तिष्क सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि निरंतर अध्ययन और जिज्ञासा ही पत्रकार को अपने समय और समाज को गहराई से समझने की दृष्टि प्रदान करती है।

उन्होंने नवागत पत्रकारों को सलाह देते हुए कहा कि पत्रकारिता के क्षेत्र में आने वाले युवाओं को ग्लैमर के पीछे नहीं भागना चाहिए। पत्रकारिता की वास्तविक शक्ति उसके अध्ययन, तथ्य, संवेदनशीलता और समाज के प्रति उत्तरदायित्व में है। उन्होंने कहा कि पत्रकार को लगातार सीखने और अपने आसपास की घटनाओं को समझने की दृष्टि विकसित करनी चाहिए।

इसके पश्चात विद्यार्थियों ने मध्यप्रदेश विधानसभा का भ्रमण किया। यहां प्रोटोकॉल के सह-निदेशक राहुल चंद्रवंशी ने विद्यार्थियों को सदन की कार्यप्रणाली, विधायी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक व्यवस्था में विधानसभा की भूमिका के बारे में जानकारी दी। विधानसभा परिसर स्थित संग्रहालय में विद्यार्थियों ने मध्यप्रदेश के लोकतांत्रिक एवं राजनीतिक इतिहास से जुड़ी सामग्री का भी अवलोकन किया।

इस अवसर पर शैक्षणिक भ्रमण के समन्वयक प्रो. प्रदीप डहेरिया ने कहा कि माधवराव सप्रे संग्रहालय की पत्रकारिता की ऐतिहासिक स्मृतियों से लेकर मध्यप्रदेश विधानसभा के लोकतांत्रिक विमर्श तक का यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए कक्षा की सैद्धांतिक सीमाओं से बाहर निकलकर पत्रकारिता, इतिहास और लोकतंत्र को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर है। इस दौरान संग्रहालय के निदेशक अरविंद श्रीधर,  जनसंचार विभाग के अतिथि प्राध्यापक डॉ. उदित्य सिंह सेंगर सहित जनसंचार विभाग स्नातक एवं स्नातकोत्तर के विद्यार्थी उपस्थित रहे।