तनावों और दबावों के बीच कैसे शांति से परफॉर्म करें?

   एमसीयू में हैप्पीनेस पर विशेष कोर्स

भोपाल 14 मार्च 2026 : माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU ) में एक महत्वपूर्ण  शैक्षणिक पहल के अंतर्गत रेखी फाउंडेशन के सहयोग से एमसीयू रेखी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर द साइंस ऑफ हैप्पीनेस  शुरू हुआ है। इसके तहत क्रेडिट आधारित एक नया ओपन इलेक्टिव कोर्स प्रारम्भ किया गया है। आज इस कोर्स की विशेष कक्षा में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कक्षा का संचालन डॉ. श्रीहरि कृष्णा और डॉ. रितु शर्मा द्वारा किया गया। यह पहल विश्वविद्यालय और रेखी फाउंडेशन फॉर हैप्पीनेस के बीच हुए अकादमिक एमओयू के अंतर्गत की गई है।

पत्रकारिता का क्षेत्र अत्यंत चुनौतीपूर्ण है लगातार बदलती परिस्थितियाँ, समय का दबाव, संवेदनशील घटनाओं की रिपोर्टिंग और उससे उत्पन्न मानसिक तनाव। ऐसे में यह कोर्स विद्यार्थियों को यह समझने में सहायता करता है कि इन चुनौतियों का सामना संतुलित, सजग और सशक्त मन के साथ कैसे किया जाए। दरअसल यह एक ऐसा कौशल है जिसे सीखा जा सकता है। जीवन में सफलता तो सभी चाहते हैं, परंतु ‘चाहना’ को ‘होने’ में कैसे बदला जाए यह समझ और अभ्यास का विषय है। और  विद्यार्थियों ने भी  अपनी जिज्ञासा प्रकट करते हुए जाना कि डिसीज़न फ़टीग से कैसे निपटें, पढ़ाई को और कैसे बेहतर कर सकते हैं। इमोशन रेगुलेट कैसे करें ,पर चर्चा की।

साइंस ऑफ हैप्पीनेस पर आधारित यह पाठ्यक्रम सकारात्मक मनोविज्ञान, माइंडफुलनेस और भावनात्मक संतुलन के साथ-साथ न्यूरोसाइंस के आधार पर यह भी समझाता है कि हमारा मस्तिष्क परिवर्तनशील है। ध्यान, अभ्यास और सकारात्मक भावनाओं के माध्यम से हम अपने मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकते हैं इसे ही न्यूरोप्लास्टिसिटी कहा जाता है।यानि विचारों, ध्यान और व्यवहार के अभ्यास से हम अपने मस्तिष्क को री-वायर कर सकते हैं और अपने व्यक्तित्व को निखार सकते हैं। एक संतुलित और प्रफुल्लित व्यक्तित्व किसी भी क्षेत्र में, चाहे परिस्थितियाँ कितनी ही तनावपूर्ण क्यों न हों, स्पष्टता, संवेदनशीलता और करुणा के साथ कार्य कर सकता है।

निस्संदेह, यह कोर्स विद्यार्थियों को केवल बेहतर प्रोफेशनल ही नहीं, बल्कि अधिक सजग, संवेदनशील और संतुलित व्यक्तित्व बनने की दिशा में भी प्रेरित करेगा।