एमसीयू में सम्बद्ध अध्ययन संस्थाओं के संचालकों ने कुलगुरु से की विस्तृत चर्चा, शैक्षणिक एवं परीक्षा व्यवस्था को लेकर हुए महत्वपूर्ण निर्णय”

भोपाल, 20 जुलाई 2026:  माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से सम्बद्ध अध्ययन संस्थाओं के 100 से अधिक संचालकों ने सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर में कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी से सौजन्य भेंट की। मध्यप्रदेश के विभिन्न अंचलों से आए संस्था संचालकों के साथ लगभग डेढ़ घंटे से अधिक समय तक चली इस बैठक में शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं परीक्षा संबंधी विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक के प्रारंभ में सम्बद्ध अध्ययन संस्थाएं विभाग के निदेशक डॉ. आशीष जोशी ने माननीय कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा किए जा रहे विभिन्न नवाचारों, शैक्षणिक सुधारों एवं नई पहलों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने विभाग द्वारा पाठ्यक्रमों के आधुनिकीकरण, नए सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों के प्रारंभ, डिजिटल प्रक्रियाओं के विस्तार तथा अध्ययन संस्थाओं के साथ सतत संवाद स्थापित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया। संस्था संचालकों ने इन नवाचारों का स्वागत करते हुए विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की तथा डॉ. आशीष जोशी एवं विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

बैठक में संचालकों ने पीजीडीसीए (PGDCA) एवं डीसीए (DCA) के पाठ्यक्रमों को समयानुकूल अद्यतन करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन एवं कुलगुरु का विशेष आभार व्यक्त किया। साथ ही, नव-समाविष्ट टाइपिंग विषय के संबंध में अपनी जिज्ञासाएँ एवं सुझाव भी रखे। संचालकों ने बीसीए (BCA) पाठ्यक्रम को भी वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप अद्यतन करने का अनुरोध किया, जिस पर डीन अकादमिक प्रो. मनीष माहेश्वरी ने आगामी शैक्षणिक सत्र तक इस कार्य को पूर्ण करने का आश्वासन दिया।

इस सत्र से प्रारंभ किए गए सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों के लिए भी संचालकों ने विश्वविद्यालय का अभिनंदन किया। उन्होंने इन पाठ्यक्रमों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता दसवीं उत्तीर्ण किए जाने का सुझाव रखा। इस पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया कि वर्तमान नियामकीय प्रावधानों के अनुसार ऐसा करना संभव नहीं है।

बैठक के दौरान कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी ने संस्था संचालकों के सुझावों एवं अपेक्षाओं पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए नामांकन तथा परीक्षा आवेदन (परीक्षा फार्म) भरने की अंतिम तिथियों को बढ़ाने का निर्णय लिया, ताकि अधिकाधिक विद्यार्थी नामांकन एवं परीक्षा प्रक्रिया का लाभ प्राप्त कर सकें तथा अध्ययन संस्थाओं को भी आवश्यक सुविधा मिल सके।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि विश्वविद्यालय की स्नातक एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं की परीक्षाएँ प्रत्येक वर्ष मई माह के अंतिम सप्ताह में तथा पीजीडीसीए एवं डीसीए की परीक्षाएँ जून माह के दूसरे सप्ताह में आयोजित की जाएँगी। इसके अतिरिक्त उन्होंने घोषणा की कि विश्वविद्यालय से सम्बद्ध अध्ययन संस्थाओं के संभागवार सम्मेलन प्रत्येक वर्ष नियमित रूप से आयोजित किए जाएँगे, जिससे संवाद, समन्वय एवं गुणवत्ता संवर्धन को और अधिक गति मिलेगी।

बैठक में उपस्थित एमपीऑनलाइन की टीम ने भी संचालकों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए विश्वास दिलाया कि नामांकन एवं परीक्षा आवेदन प्रक्रिया को अधिक सरल, सुगम एवं तकनीकी रूप से निर्बाध बनाने के लिए वह विश्वविद्यालय के साथ पूर्ण समन्वय एवं तत्परता से कार्य करेगी। टीम ने अध्ययन संस्थाओं एवं विद्यार्थियों को हरसंभव तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया।

बैठक के प्रारंभ में संस्था संचालकों ने कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी, कुलसचिव प्रो. (डॉ.) पी. शशिकला, निदेशक, सम्बद्ध अध्ययन संस्थाएं डॉ. आशीष जोशी, डीन अकादमिक प्रो. मनीष माहेश्वरी, परीक्षा नियंत्रक डॉ. राजेश पाठक तथा सहायक कुलसचिव गिरीश जोशी का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया तथा शुजालपुर के प्रसिद्ध जटाशंकर महादेव का चित्र स्मृति-चिह्न स्वरूप भेंट कर सम्मानित किया।

बैठक के उपरांत कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी ने सभी संस्था संचालकों के साथ सहभोज कर आत्मीय संवाद भी किया।

बैठक में प्रमुख रूप से संस्था संचालक सर्वश्री नंदन जोशी, पंकज बाउस्कर, सुनील बसेर, प्रबोध रोकड़े, प्रफुल्ल उपश्याम, मोनिका मिश्रा, विक्रम बेहरे, के. एस. राजपूत, सलिल हरदेकर, आलोक दांगी, श्री परमार, मनीष जैन एवं युनूस रंगरेज सहित मध्यप्रदेश के सभी संभागों का प्रतिनिधित्व करने वाले संस्था संचालक उपस्थित रहे।

विश्वविद्यालय प्रशासन और सम्बद्ध अध्ययन संस्थाओं के मध्य यह संवाद न केवल समस्याओं के समाधान का माध्यम बना, बल्कि गुणवत्तापूर्ण, समयानुकूल एवं विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सार्थक पहल सिद्ध हुआ।