“एमसीयू में स्वामी विवेकानंद जी के 45 फीट ऊंचे चित्र का हुआ अनावरण”

                    “स्वामी विवेकानंद जी के जीवन का अध्ययन करने से मिलता है आत्मविश्वास :स्वामी नित्यपूर्णानंद जी महाराज

                                      “गहन अध्ययन से मिलती है विचार करने की शक्ति : महेश श्रीवास्तव

भोपाल, 12 जनवरी 2026 : हम सभी के लिए आवश्यक है कि हम स्वामी विवेकानंद जी के जीवन का अध्ययन करें। उन्होंने युवाओं के लिए जो संदेश दिए हैं वे देश को एक नई दिशा देते हैं। युवाओं को निरंतर अपने देश और समाज के लिए प्रयत्नशील रहना चाहिए। यह विचार माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय भोपाल के बिशनखेड़ी, माखनपुरम स्थित परिसर में स्वामी विवेकानंद जी के 45 फीट ऊंचे चित्र के अनावरण के अवसर पर आज रामकृष्ण परमहंस मिशन के  स्वामी नित्यपूर्णानंदजी महाराज ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि जो कोई भी आलस्य करता है ईश्वर भी उसकी सहायता नहीं करते।  उन्होंने स्वामी विवेकानंद जी के जीवन के कई प्रसंगों पर भी प्रकाश डाला।

इस अवसर पर विशिष्ठ अतिथि वरिष्ठ पत्रकार ने श्री महेश श्रीवास्तव कहा कि गहन अध्ययन से हमें विचार करने की शक्ति मिलती है। पत्रकारिता को महज एक नौकरी नहीं बल्कि परिवर्तन की शक्ति बताते हुए उन्होंने पत्रकारिता के युवा विद्यार्थियों से कहा कि निरंतर अपना कार्य करने वालों को आनंद की प्राप्ति होती है। कार्यक्रम में पद्मश्री श्री विजयदत्त श्रीधर ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी ने अपनी संस्कृति के प्रसार के लिए अद्भुत कार्य किया। इस अवसर पर बतौर विशिष्ठ अतिथि उपस्थित मध्यप्रदेश लोकसेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष श्री अशोक पांडे ने कहा कि वैदिक संस्कृति एकात्म के भाव में विश्वास करती है। इसमें कोई भेदभाव नहीं है। यह पूरी सृष्टि को एक समान भाव से देखती है।

कार्यक्रम में  दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान के निदेशक डॉ. मुकेश मिश्रा ने कहा कि विश्वविद्यालय के परिसर में स्वामी विवेकानंद जी के चित्र से युवाओं का पथ प्रदर्शन होगा। वे उनके आदर्श ध्येय वाक्यों पर आगे बढ़ेंगे। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलगुरू श्री विजय मनोहर तिवारी ने विश्वविद्यालय में प्रवेश द्वार के समक्ष  नवनिर्मित स्वामी विवेकानंद जी का चित्र युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में विश्वविद्यालय के परिसर में संस्कृति और प्रकृति के संयोजन के अन्य सृजनकारी कार्य भी जारी रहेंगे।

कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन विश्वविद्यालय की कुलसचिव प्रोफेसर पी.शशिकला ने माना।कार्यक्रम का संचालन विश्वविद्यालय के सहायक कुलसचिव श्री गिरीश जोशी ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी-कर्मचारी तथा विद्यार्थी उपस्थित थे।