एमसीयू का मंत्र- ‘हमारे पूर्व विद्यार्थी हमारे हीरो’

वर्ष 2026-2027 के लिए एडमिशन शुरू

भोपाल 18 मई 2026 ।: माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (एमसीयू) में वर्ष 2026-2027 के लिए एडमिशन शुरू हो गए हैं। पहली बार सोशल मीडिया पर इसे एक अभियान की तरह आरंभ किया है। पहली कड़ी में ऐसे प्रतिभाशाली पूर्व विद्यार्थियों को ‘ब्रांड एम्बेसडर’ की तरह प्रस्तुत करने का निर्णय लिया गया है, जिन्हें रामनाथ गोयनका अवार्ड मिले हैं। अब तक आठ विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट पत्रकारिता का यह प्रतिष्ठित अवार्ड अर्जित किया है। इनमें दो ऐसे हैं, जिन्हें दो-दो बार मिला है।

मीडिया प्रमुख डॉ. पवित्र श्रीवास्तव ने बताया कि विश्वविद्यालय की क्रिएटिव टीम “माखन के लाल’ में प्रकाशित पूर्व विद्यार्थियों की सफलता और उपलब्धियों की कहानियों को भी प्रवेश अभियान से जोड़ने वाली है। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों भारत भवन में हुए तीन दिन के राष्ट्रीय विमर्श “प्रणाम उदंत मार्त्तण्ड’ में इस अनुभव संग्रह का लोकार्पण किया गया है। इसमें 50 से अधिक विद्यार्थियों ने अपने अनुभव लिखे हैं। यह दस्तावेज देश भर के मीडिया संस्थानों में सक्रिय हजारों पूर्व विद्यार्थियों के बीच चर्चा का विषय बना है। इनमें से चुनिंदा एलुमनाई को विश्वविद्यालय अपने “हीरो’ की तरह पेश करने की तैयारी में है।

दिसंबर में हुए चर्चित “कार्टून शो’ में शामिल देश के शीर्षस्थ 12 कार्टूनिस्टों की सकारात्मक सहायता भी एडमिशन की प्रक्रिया में ली जा सकती है। इनमें देवेंद्र शर्मा (इंदौर), अभिषेक तिवारी और चंद्रशेखर हाडा (जयपुर), त्रयम्बक शर्मा (रायपुर), माधव जोशी (दिल्ली), हरिमोहन वाजपेयी (लखनऊ), प्रशांत कुलकर्णी (मुंबई) इस्माइल लहरी और गोविंद लाहोटी (इंदौर), हरिओम तिवारी और शिरीष (भोपाल) शामिल हैं। इनमें से नौ कार्टूनिस्ट ‘प्रणाम उदंत मार्त्तण्ड’ की कार्यशाला में भी आए और इन पर केंद्रित कॉफी टेबल बुक “कार्टून कथा’ का प्रकाशन भी विश्वविद्यालय के एमसीयू प्रकाशन द्वारा किया गया है।

पूरे साल हुए विभिन्न आयोजनों, मास्टर क्लासों, पुस्तक चर्चाओं में आए देश के प्रसिद्ध पत्रकारों, संपादकों, लेखकों और अध्येताओं के नाम भी इस अभियान में जोड़े जा रहे हैं ताकि देश भर के युवाओं को यह बताया जा सके कि नवाचारों में अग्रणी इस विश्वविद्यालय में उनके लिए क्या संभावनाएँ हैं। जुलाई-अगस्त में विश्वविद्यालय में बड़े स्तर पर एलुमनाई मीट में इन सभी ब्रांड एम्बेसडरों को भोपाल बुलाने की भी तैयारी है।

“हमारी क्रिएटिव टीम पहली बार अपने ही पूर्व विद्यार्थियों को नए सत्र में देश भर से आने वाले नए विद्यार्थियों के बीच प्रेरक कहानी के नायक की तरह पेश कर रही है। ताकि उन्हें पता हो कि पिछले 36 वर्षों में यहाँ से पढ़कर निकले विद्यार्थियों ने अपने संघर्ष से समाज में अपनी कैसी उजली पहचान बनाई है। “माखन के लाल’ अनुभव संग्रह में ऐसी अनेक प्रेरक मिसालें विस्तार से पहली बार सामने आई हैं।”