भविष्य के न्यूजरूम को बदल देगा एआई: प्रत्यूष रंजन
“एमसीयू में एआई एफडीपी का चौथा दिन”
भोपाल 11 जुलाई 2026 :आज से पांच साल बाद मीडिया इंडस्ट्री में न्यूजरूम पूरी तरह बदल जाएंगे। हमारी तैयारी उस तरह की होनी चाहिए। एआई तकनीक खुद भी लगातार अपडेट हो रही है। ऐसे में जरूरी है कि हम उसके साथ कदमताल कर आगे बढ़ते रहें। न्यूजरूम आर्किटेक्चर में टेक्नालाजी के कारण बहुत से बदलाव आ रहे हैं। पत्रकारिता और मीडिया के क्षेत्र में आने वाले प्रोफेशनल्स को टेक्नालाजी सीखना जरूरी है।
वरिष्ठ पत्रकार श्री प्रत्यूष रंजन ने कहा कि एआई के चलते आज तकनीक का इतना विकास हो चुका है कि कई तरह के डिजिटल टूल्स हमें तरह- तरह के डेटा पर बेहतरीन विश्लेषण दे सकती है लेकिन उसका उपयोग समाचारों के साथ करते वक्त संवेदनशीलता के साथ संपादकीय विवेक से कार्य करना चाहिए। किसी भी खबर में तथ्यों को बेहतर ढंग से प्रस्तुत करने में एआई टूल्स बहुत प्रभावशाली तरह से काम करते हैं लेकिन इमेज, ग्राफिक्स आदि को खबरों में सही ढंग से तैयार करने और जारी करने का निर्णय संपादकीय टीम ही कर सकती है।
उन्होंने कहा कि अच्छा प्राम्प्ट सीखना जरूरी है। तभी टूल्स अच्छी तरह से काम कर सकते हैं। अलग-अलग विजुअलाइजेशन टूल्स के उपयोग पर विस्तार से बात करते हुए कहा कि डिजिटल दौर में न्यूज स्टोरीज पर विजुअल्स के साथ बेहतर काम हो सकता है। पत्रकारिता में यह ध्यान रखना जरूरी है कि हमेशा सार्वजनिक दस्तावेज या डेटा ही हम एआई पर प्रोसेस करें। कभी भी एक्सक्लूसिव डेटा या किसी गोपनीय दस्तावेज प्रोसेस करने से बचना चाहिए। उन्होंने एआई पर किसी भी विषय पर कुछ प्राम्पट देकर वीडियो तैयार करना सिखाया।
श्री प्रत्यूष रंजन ने प्रश्नोत्तर सत्र में एक सवाल के जवाब में कहा कि डिजिटल के दौर में भी समाचार पत्र और पुस्तकों की प्रासंगिकता बनी रहेगी। डीकफेक इन्वेस्टिगेशन में सात अलग-अलग तरह की पड़ताल को विस्तार से समझाते हुए उन्होंने आडियो एकास्टिक, विजुअल संदर्भ, नेटवर्क और ग्राउंड रियलिटी चेक करने की प्रक्रियाओं के महत्व को बताया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलगुरू श्री विजयमनोहर तिवारी ने कहा कि आने वाले अकादमिक सत्र के लिए एआई पर आयोजित यह एफडीपी शिक्षण-प्रशिक्षण में बहुत उपयोगी साबित होगा।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी विभागों के शिक्षक उपस्थित थे।
इस एफडीपी के आगामी दिनों में आयोजित सत्रों में एआई और जेनरेटिव कंटेंट, मल्टिफार्म डेटा विद पिनपाइंट, डीपफेक, सिंथेटिक मीडिया फोरेंसिक्स, एआई न्यूजरूम आर्किटेक्चर, एआई एथिक्स सहित कई अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर देश के जाने-माने विशेषज्ञ प्रतिभागियों को प्रशिक्षण देंगे।




