फिल्मों और पुस्तकों के बीच गहरा रिश्ता, ये विषयों पर हमारी समझ को बढ़ाने का बेहतरीन जरियाः लाजपत आहूजा

एमसीयू के फिल्म्फेस्ट “सिनेब्रेशन 3.0” में बोले एक्सपर्ट

फिल्मों की स्क्रीनिंग को दर्शकों ने सराहा, अलग-अलग कैटेगरी में अवार्ड सेरेमनी में पुरस्कृत हुई फिल्में

फिल्म स्टडीज के लिए रिसर्च पर एक फैलोशिप की घोषणा भी हुई

बैंड, कॉस्प्ले और विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

भोपाल 26 मार्च 2026 : फिल्में और पुस्तकें हमारे जीवन और समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। बहुत सारे जरूरी विषयों पर फिल्मों और किताबों से हमारी समझ बेहतर होती है। ये हमारे ज्ञान में वृद्धि करती हैं।फिल्मों और पुस्तकों के बीच बहुत घनिष्ठ सामंजस्य है। ये बातें एमसीयू के फिल्म्फेस्ट “सिनेब्रेशन 3.0” में मुख्य अतिथि बतौर उपस्थित सतपुड़ा फिल्म सोसाइटी के अध्यक्ष श्री लाजपत आहूजा ने कहीं। उन्होंने कहा कि फिल्मों से हम बहुत कुछ सीखते हैं। विद्यार्थियों की फिल्मों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि फिल्म और पुस्तकें हमारे ज्ञान की वृद्धि के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। इस अवसर पर श्री आहूजा ने कहा कि आज के युवा फिल्मकार नए विषयों को चुनकर उन पर सिनेमा बनाते हैं। उन्होंने सतपुड़ा फिल्म सोसाइटी की ओर से फिल्म अध्ययेताओं के लिए एक फैलोशिप की घोषणा भी की। सिनेब्रेशन के दूसरे दिन आज भी विश्वविद्यालय के गणेश शंकर विद्यार्थी सभागार में आयोजित इस समारोह में विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय फिल्मों के साथ-साथ सिनेमा विभाग के छात्रों द्वारा निर्मित फिल्मों का प्रदर्शन किया गया।

पिछले दो दिनो में एमसीयू का माखनपुरम कैंपस सिनेमा, थियेटर,कला और संस्कृति प्रेमियों की चहलकदमी का प्रमुख केंद्र बना रहा। फिल्मों और अभिनय में रूचि रखने वाले लोगों का पिछले दो दिनों में यहां तांता लगा रहा। कई उभरते युवा फिल्मकारों और अदाकारों ने अपनी उपस्थिति यहां दर्ज करवाई। इसके साथ ही इन क्षेत्रों की दिग्गज हस्तियों ने यहां आकर यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों की बनाई फिल्मों को देखा, उनके निर्देशन, प्रोडक्शन, सिनेमा आर्ट और अभिनय को सराहा। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल के सिनेमा और जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित सिनेब्रेशन 3.0 के इस वर्ष के आयोजन की खास बात रही लीक से हटकर अलग-अलग विषयों पर सिनेमा डिपार्टमेंट के स्टूडेंट्स की बनाई फिल्में। सब्जेक्ट्स से लेकर सिनेमैटोग्राफी और स्क्रिप्ट से लेकर साउंड इफैक्ट्स, हर बात को बेहतरीन तरीके से पेश कर फिल्म फेस्ट के प्रतिभागियों ने पर्दे पर उतारा।

इस अवसर पर बॉलिवुड अभिनेता श्री अजयपाल ने कहा कि भारत कथाओं का देश है। जब सिनेमा नहीं था तब दादा-दादी और नाना-नानी की कहानियों का दौर हुआ करता था। आज का युवा किसी बड़े विषय पर विस्तृत कहानी को शॉर्ट फिल्म के माध्यम से संक्षिप्त में पर्दे पर दिखाते हैं। उन्होंने सिनेब्रेशन में दिखाई गई फिल्मों की काफी तारीफ करते हुए विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं।

इस कार्यक्रम में उपस्थित प्रख्यात एक्टर अंशुल कुकरेजा ने कहा कि यूनिवर्सिटी के माध्यम से युवा पीढ़ी लेखन और निर्देशन के क्षेत्र में आगे बढ़ रही है। आज इस अवसर पर महाकाल प्रोडक्शन के फाउंडर आकाश गौतम ने कहा कि आज इंटरनेशनल फिल्मों का निर्माण हमारे देश में हो रहा है। हमारे बॉलिवुड की फिल्में भी इंटरनेशनल मार्केट में अच्छा बिजनेस कर रही हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को उनकी बनाई फिल्मों के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

इस अवसर पर सिनेमा एवं जनसंपर्क विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. पवित्र श्रीवास्तव ने कार्यक्रम ने कहा कि इस फिल्म फेस्टिवल को सफल बनाने में पूरी टीम की मेहनत शामिल है और उन्होंने इस आयोजन के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को भी धन्यवाद किया। उन्होंने स्टूडेंट्स की क्रिएटिविटी की भी खूब सराहना की। आज सिनेब्रेशन में कॉस्प्ले ने सबकी तालियां बटोरीं। अलग-अलग फिल्मों के गीतों और ड्रेस की थीम पर आधारित इस पेशकश में विद्यार्थियों ने अपने अभिनय कौशल से दर्शकों का मन मोह लिया। फिल्मोत्सव में छात्रों ने अपनी फिल्मों के माध्यम से विविध विषयों, सामाजिक ज्वलंत समस्याओं और समृद्ध सांस्कृतिक कथाओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इसके साथ ही स्टूडेंट्स के बैंड की प्रस्तुति ने भी माहौल में एक जोश भर दिया।

सिनेब्रेशन में अलग-अलग श्रेणियों में फिल्म मेकिंग और एक्टिंग के लिए फिल्मकारों, और कलाकारों को अवार्ड देकर सम्मानित भी किया गया। एड फिल्म मेकिंग में मयंक