बाल अधिकारों को पत्रकारिता के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा: प्रो. केजी सुरेश

बाल अधिकारों को पत्रकारिता के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा: प्रो. केजी सुरेश गुड टच नहीं अब सेफ टच की बात करनी जरूरी: विशाल नाडकर्णी बच्‍चों के अधिकारों का संरक्षण एक विभाग नहीं, सभी की जिम्‍मेदारी: ब्रजेश चौहान एमसीयू में यूनिसेफ के सहयोग से ‘बाल अधिकार को लेकर मीडिया विमर्श’ का आयोजन भोपाल, 18 नवम्‍बर, 2021:…

बदलाव के लिए मुहूर्त की प्रतीक्षा न करें – कुलपति केजी सुरेश

बदलाव के लिए मुहूर्त की प्रतीक्षा न करें – कुलपति केजी सुरेश ज्ञान एवं योग से भी बढ़कर है भक्तियोग – मां शिवांगी जो भी करें, पूरे भाव से करें – संगीत वर्मा पत्रकारिता विश्वविद्यालय में लाइफ स्किल एंड स्ट्रेस मैनेजमेंट पर एफडीपी भोपाल, 17 नवम्‍बर, 2021: बदलाव के लिए मुहूर्त की प्रतीक्षा न करें।…

भारत का मीडिया कभी सोने की चिड़िया था, आज चांदी का है : श्री प्रभु चावला

भारत का मीडिया कभी सोने की चिड़िया था, आज चांदी का है : श्री प्रभु चावला सम्पूर्ण मीडिया की प्रतिनिधि संस्था बने प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया : प्रो. केजी सुरेश राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर पत्रकारिता विश्वविद्यालय में ‘मीडिया – कल, आज और कल’ विषय पर व्याख्यान का आयोजन भोपाल, 16 नवम्‍बर, 2021: भारत की मीडिया…

स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरणा था ‘भारत का स्वत्व’ : श्री जे. नंदकुमार

स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरणा था ‘भारत का स्वत्व’ : श्री जे. नंदकुमार गलतियां नहीं दोहरानी तो इतिहास याद रखें : प्रो. केजी सुरेश माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में ‘स्वतंत्रता आंदोलन एवं भारतीय दृष्टिकोण’ पर विशेष व्याख्यान का आयोजन भोपाल, 09 नवम्‍बर, 2021: औपनिवेशिक मानसिकता के लेखकों ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को…

मनुष्य की बायोलॉजिकल आवश्यकता है ‘संवाद’ : प्रो. बी.के. कुठियाला

मनुष्य की बायोलॉजिकल आवश्यकता है ‘संवाद’ : प्रो. बी.के. कुठियाला समाजोन्मुखी हो संचार व्यवस्था : प्रो. केजी सुरेश ‘अहम् ब्रह्मास्मि’ की घोषणा को भी स्वीकार करती है भारतीय संवाद परंपरा : श्री विजय मनोहर तिवारी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में ‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता : भारतीय दृष्टि’ पर संगोष्ठी का आयोजन एवं पुस्तक…

युवाओं को समाज के प्रति संवेदनशील बनाती है एनएसएस : प्रो. केजी सुरेश

युवाओं को समाज के प्रति संवेदनशील बनाती है एनएसएस : प्रो. केजी सुरेश एनएसएस में युवाओं का होता है व्यक्तित्व विकास : श्री राहुल सिंह परिहार माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना की इकाई के नवागत विद्यार्थियों के लिए अभिविन्यास कार्यक्रम का आयोजन भोपाल, 25 अक्‍टूबर, 2021: माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय…

परिवार के साथ देखने वाली फिल्म बनाएं: कुलपति प्रो. केजी सुरेश

परिवार के साथ देखने वाली फिल्म बनाएं: कुलपति प्रो. केजी सुरेश मेरठ में आयोजित नवांकुर लघु फिल्म महोत्सव को बतौर मुख्य अतिथि किया संबोधित, फरवरी-2022 में भोपाल में आयोजित हो रहा है चित्र भारतीय राष्ट्रीय लघु फिल्म फेस्टिवल भोपाल/मेरठ, 23 अक्‍टूबर, 2021: माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केजी सुरेश ने…

पत्रकारिता एवं संचार के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शोध को देंगे बढ़ावा : प्रो. केजी सुरेश

पत्रकारिता एवं संचार के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शोध को देंगे बढ़ावा : प्रो. केजी सुरेश एमसीयू और चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ के बीच एमओयू भोपाल, 22 अक्टूबर, 2021: तिलक स्कूल ऑफ़ मास कम्युनिकेशन, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल के मध्य 22 अक्टूबर, 2021 को एक…

युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचा सकता है मीडिया : श्री पराग चतुर्वेदी

युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचा सकता है मीडिया  : श्री पराग चतुर्वेदी नशाखोरी रोकने का स्थायी समाधान है जन-जागरूकता : प्रो. केजी सुरेश माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में ‘भारत में मादक पदार्थों का दुरूपयोग और युवाओं की संवेदनशीलता’ पर विशेष व्याख्यान भोपाल, 13 अक्‍टूबर, 2021: सशस्त्र सीमा बल के सेकण्ड…

साहित्य के बिना पत्रकारिता संस्कारविहीन : प्रो. केजी सुरेश

साहित्य के बिना पत्रकारिता संस्कारविहीन : प्रो. केजी सुरेश पटना, 11 अक्‍टूबर, 2021: पत्रकारिता में उन्माद, विद्वेष का कोई स्थान नहीं है। पत्रकारिता की भाषा संयम और संस्कार की भाषा होनी चाहिए, जिसमें पत्रकारिता को साहित्य से अपने टूटे रिश्ते को फिर से जोड़ना होगा। साहित्य के बिना पत्रकारिता संस्कारविहीन है। ‘पत्रकारिता और साहित्य’ विषय…